देसी मुर्गी के अंडे की पैकेजिंग, ढुलाई तथा भंडारण कैसे करें?

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देसी मुर्गी के अंडे की पैकेजिंग, ढुलाई तथा भंडारण कैसे करें?

ग्रामीण छेत्रों मे अंडा तथा मांस के लिए देशी मुर्गी पालन कियाजाता है । कमरसियल लेयर फार्म मे तो अंडो के पैकेजिंग, ढुलाई एवं भण्डारण मे कोई समस्या नहीं आती है क्योकि वहा तकनीकी का एस्तेमाल किया जाता है लेकिन ग्रामीण छेत्रों मे मे भी ईसका हम कैसे एस्तेमाल कर सकते है , ईसी पर ये पोस्ट मे प्रकाश डाला गया है ।

पैकेजिंग एवं ढुलाई ::

पैकेजिंग की दृष्टि से देखें तो कुदरत ने अंडे को एक बहुत ही नाजुक आवरण से ढका हुआ है इसलिए अन्डो के व्यवसाय करने वाले व्यक्ति को चाहिए की वो पैकेजिंग का विशेष ध्यान रखे ताकि इसका बाहरी नाजुक आवरण टूटने न पाये और उसके ग्राहकों तक सुरक्षित पहुँच सके और उत्पादनकर्ता को अधिक से अधिक लाभ हो सके ।

अन्डो को पैकेजिंग एवं ढुलाई करने के तरीके ।

  1. टोकरी में धान का भूसा, गेहूं का फूस रखकर उसके ऊपर अंडे रखे जा सकते है ताकि अंडे एक दूसरे से न टकराएं और इनके नाजुक आवरण को कोई चोट न पहुंचे और आसानी से ग्राहकों तक पहुँच सकें । प्राचीनकाल में अन्डो के उत्पादनकर्ता अपना उतपादन बेचने के लिए इस पैकेजिंग विधि का उपयोग किया करते थे और क्षेत्र सिमित होने के कारण अपने सिर पर ही अन्डो की टोकरी को रखकर एक गांव से दूसरे गांव ले जाया करते थे ।
  2. अधिकतर अण्डों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक अंडे की ट्रे में रखकर ही ले जाया जाता है और अन्डो को ट्रांसपोर्ट करने का यह तरीका सामान्य है । सामान्य से हमारा अभिप्राय अत्यधिक चलन से है । इन अंडे की ट्रे को गत्ते या प्लास्टिक का इस्तेमाल करके बनाया जाता है । इस ट्रे की विशेषता यह होती है की आप एक ट्रे के ऊपर दूसरी ट्रे फिर तीसरी ट्रे और उसके बाद इन सबको एक एक गत्ते के बॉक्स के अंदर रख सकते हैं और इन ट्रे में अन्डो के आकार को ध्यान में रखते हुए अलग अलग खांचे बने होते हैं जिससे अंडे एक दूसरे से न तो टकराते हैं और ना ही ट्रांसपोर्टेशन करते समय हिलते हैं ।
  3. लोकल अर्थात स्थानीय क्षेत्रो में अंडे बेचने के लिए आप विशिष्ट छोटे प्रकार के पैकेजिंग ट्रे का भी उपयोग कर सकते हैं इनमे आप 2 से 12 तक अंडे आसानी से रख कर बेच सकते हैं ।
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अन्डो का भंडारण अर्थात स्टोरेज |
Murgi Palan व्यवसाय के लिए अन्डो का स्टोरेज अर्थात भण्डारण तब किया जाना जरुरी है । जब आपको किसी ग्राहक से आपकी उत्पादकता से अधिक मात्रा में आर्डर मिला हो या आप किसी शहर में एक साथ अंडे भिजवाना चाहते हों । साधरणतया Murgi Palan व्यवसाय से जुड़े लोग हर दूसरे तीसरे दिन और अधिक से अधिक एक हफ्ता ही अन्डो को अपने भण्डारण में रखते हैं क्योंकि साधारणतया एक अंडे की लाइफ 30 से 45 दिनों की होती है ,इन 30 से 45 दिनों के बीच आपका लक्ष्य अंडे को इसके अंतिम ग्राहक तक पहुँचाने का होना चाहिए फिर अंतिम ग्राहक चाहे तो अन्डो को रेफ्रिजरेट करके कुछ और दिन अंडे की लाइफ बढ़ा सकते हैं ।
Murgi Palan व्यवसाय करने वाले व्यक्ति अगर चाहें तो अन्डो को साफ़ करते वक़्त पानी का इस्तेमाल न करके किसी सूखे स्क्रब पैड का इस्तेमाल करें और बाद में सूखे कपडे से पोछ डालें क्योकि गीले से अन्डो में कुदरती नमी की कमी हो जाती है और हो सकता है अंडे की लाइफ पर भी इसका प्रभाव पड़े ।
अन्डो को भण्डारण अर्थात स्टोरेज करते समय निम्न बातो का ध्यान अवश्य रखें ।

  1. अगर आप इनको अन्डो की ट्रे में रखकर ही स्टोर करना चाहते हैं तो ध्यान रहे की जिस ट्रे में आप अंडे रख रहे हों वह नई होनी चाहिए और किसी प्रकार की उस ट्रे से दुर्गन्ध नहीं आनी चाहिए ।
    2.जिस स्थान या जहाँ पर आप अन्डो का भण्डारण करने वाले हैं वह कमरा हवादार और आपकी पैकेजिंग भी इस प्रकार की होनी चाहिए ताकि अन्डो तक हवा पहुँच सके ।
    3.भण्डारण गृह एक निश्चित तापमान पर होना चाहिए । ठंडा भण्डारण गृह अन्डो की लाइफ वृद्धि में मदद जरूर करता है लेकिन ध्यान रहे भंडारण गृह गीलापन और सीलन से दूर हो ।
    4.भंडारण गृह अर्थात स्टोरेज रूम दूषित करने वाली वस्तुओ से दूर होना चाहिए और ऐसी कोई वस्तु जो भण्डारण गृह को दूषित करके इसके अंदर नहीं रखनी चाहिए और नियमित तौर पर भण्डारण गृह की सफाई करें ।
    5.जैसा की में पहले बता चूका हूँ । भण्डारण गृह में अंडे रखने से पहले अन्डो को साफ़ कर लेना चाहिए । लेकिन ध्यान रहे की अन्डो को धोया और गीला न किया जाय ।
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देसी मुर्गी के अंडे

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