जीवाणु  जनित गलघोंटू पशु रोग

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गलघोंटू पशु रोग
गलघोंटू पशु रोग

जीवाणु  जनित गलघोंटू पशु रोग

कारक: पश्चुरेला मल्टोसिडा जीवाणु।

रोग कैसे संक्रमित करता है:

  1. नाक के स्त्राव और लार के द्वारा।
  2. संक्रमित पशु का चारे को दूसरे पशु के द्वारा खाने से ।

लक्षण : इनक्यूबेशन पीरियड 2 से 5 दिन।

फीवर (104 से 107 डिग्री सेल्सियस)

सांस लेने में दिक्कत।

गले में गर्म लगना और दर्द के साथ सूजन होना।

बहुत ज्यादा लार का बहाना।

संक्रमित पशु की कुछ घंटों में मृत्यु होना।

जांच के लिए सैंपल : रक्त का सैंपल और सूजन वाले जगह से फ्लूड लेकर स्मीयर बनाए।

प्रयोगशाला जांच : स्मीयर से रोग के कारक जीवाणु का पता करना , कल्चर एंड पीसीआर।

रोग का इलाज: sulfadimidine या अन्य उच्च स्तर की एंटीबायोटिक

पशु के बीमार होने के दौरान जो लक्षण दिखे उसके अनुसार इलाज ।

डॉ प्रकाश चंद्र सांवल

असिस्टेंट प्रोफेसर

आरआर सीवीएएस देवली टोंक ।

डॉ लोकेश कुमार चांदोलिया

पशु चिकित्सा अधिकारी

दुधु जयपुर ।

पशुओं में होने वाला एक खतरनाक रोग गलघोटू : लक्षण, बचाव एवं निदान

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