जिले में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान फेस–6 का शुभारंभ, मोबाइल वेटरनरी यूनिट को दिखाई गई हरी झंडी

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जमशेदपुर, दिनांक 14 जुलाई 2026

जिले में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान फेस–6 का शुभारंभ, मोबाइल वेटरनरी यूनिट को दिखाई गई हरी झंडी

जिले में पशुधन की सुरक्षा एवं उत्पादकता वृद्धि के उद्देश्य से आज दिनांक 14 जुलाई 2026 को खुरपका-मुंहपका (Foot and Mouth Disease – FMD) टीकाकरण अभियान फेस–6 (वर्ष 2026–27) का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त श्री राजीव रंजन, उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान, एडीसी तथा जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. समरजीत मंडल द्वारा संयुक्त रूप से मोबाइल वेटरनरी यूनिट को हरी झंडी दिखाकर अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

यह अभियान भारत सरकार की प्रमुख केंद्रीय योजना नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (NADCP) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी एवं सूअर जैसे पशुओं को खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से बचाने के लिए वर्ष में दो बार (प्रत्येक 6 माह के अंतराल पर) निःशुल्क टीकाकरण किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 तक रोग को नियंत्रित करना एवं वर्ष 2030 तक इसका पूर्ण उन्मूलन करना है।

वर्तमान फेस–6 अभियान 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 29 अगस्त 2026 तक, कुल 60 दिनों तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पशु स्वास्थ्य कर्मी एवं टीकाकर्मी घर-घर जाकर पशुपालकों के पशुओं का टीकाकरण करेंगे।

कार्यक्रम के प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:

– निःशुल्क टीकाकरण: सभी पात्र पशुओं को पूरी तरह मुफ्त में टीका लगाया जाएगा।
– ईयर टैगिंग एवं पहचान: टीकाकरण से पूर्व पशुओं के कान में 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या युक्त पीला प्लास्टिक टैग लगाया जाएगा।
– डिजिटल डेटाबेस: पशुओं की जानकारी “भारत पशुधन” पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी सुनिश्चित हो सके।
– पशु स्वास्थ्य कार्ड: टीकाकरण के उपरांत पशुपालकों को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा, जिसमें सभी टीकों का विवरण अंकित रहेगा।
– कृमिनाशन (Deworming): टीकाकरण से पूर्व पशुओं को कृमिनाशक दवा देने की भी सलाह दी जाती है, जिससे टीके की प्रभावशीलता बढ़ती है।

खुरपका-मुंहपका (FMD) एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो पशुओं के दूध उत्पादन, वृद्धि एवं कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। समय पर टीकाकरण इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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यद्यपि जिले में टीकाकरण कार्य 1 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो चुका है, किन्तु आज से मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से सभी प्रखंडों में सघन प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस योजना का लाभ उठा सकें।

इस अवसर पर जिले के सभी पशु चिकित्सा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की टीम के सभी सदस्य, पशु चिकित्सक, पैरावेट्स एवं टीकाकर्मी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन एवं पशुपालन विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करें तथा अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं। साथ ही अपने आस-पड़ोस के अन्य पशुपालकों को भी इस अभियान के प्रति जागरूक करें।

यदि कोई भी पशुपालक अपने पशुओं का टीकाकरण कराना चाहते हैं, तो वे टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर मोबाइल वेटरनरी यूनिट की निःशुल्क सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

— जिला पशुपालन विभाग, जमशेदपुर

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