डिजिटल भारत का पशुपालन पर प्रभाव
Vinita1*, Kumar Vinay2
- M.V.Sc, Department of Veterinary & Animal Husbandry Extension Education,LUVAS, Hisar, Haryana, India
- Haryana Veterinary Surgeon I, Department of Animal Husbandry and Dairying, Govt. of Haryana
भूमिका
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है l प्राचीन समय से ही किसान अपने अनुभव और परंपरागत ज्ञान के आधार पर पशुओं का पालन करते आए हैं l किंतु वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीक और बाजार तक सीधी पहुंच का अभाव इस क्षेत्र की प्रगति में बाधा बना रहा l
वर्ष २०१५ में भारत सरकार द्वारा “डिजिटल भारत अभियान” प्रारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना तथा सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना था l इस पहल ने पशुपालन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए हैं l
परिभाषा
डिजिटल भारत एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक नागरिक को तकनीकी साधनों के माध्यम से सशक्त बनाना, सरकारी सेवाओं को सरलता से उपलब्ध कराना तथा सूचना के आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाना है l
(भारत सरकार २०१५)
मुख्य भाग
- सूचना एवं ज्ञान की सरल उपलब्धता
डिजिटल साधनों के माध्यम से पशुपालकों को अब पशुओं के पालन, पोषण, प्रबंधन और रोक नियंत्रण से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त हो रही है l
- मोबाइल अनुप्रयोग, संदेश सेवा और वीडियो माध्यम से जानकारी प्रसारित की जा रही है l
प्रभाव: वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार से उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है l
- दूरस्थ पशु-चिकित्सा सेवाएं
अब पशुपालक घर बैठे ही पशु-चिकित्सकों से सलाह ले सकते हैं l
- वीडियो संवाद के माध्यम से पशुओं की जांच और उपचार संभव है l
प्रभाव: समय और धन की बचत के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बड़ी है l
- पशु पहचान एवं निगरानी
पशुओं की पहचान के लिए विशेष टैग और अभिलेख प्रणाली विकसित की गई है l
- प्रत्येक पशु का स्वास्थ्य, उत्पादन और प्रजनन संबंधी विवरण सुरक्षित रखा जाता है l
प्रभाव: रोग नियंत्रण, उत्पादकता में सुधार और बेहतर योजना निर्माण में सहायता मिलती है l
- विवरण और भुगतान में सुधार
डिजिटल माध्यमों से पशुपालकों को सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिला है l
- अब उत्पादों की बिक्री बिना बिचौलियों से के संभव हो रही है l
- भुगतान की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी हो गई है l
प्रभाव: उचित मूल्य प्रति और आय में वृद्धि l
- सरकारी योजनाओं की आसान पहुंच
पशुपालक अब विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं l
- पशुधन बीमा
- डेयरीविकास योजनाएं
प्रभाव: पारदर्शिता बड़ी है और लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है l
- आधुनिक पशुपालन तकनीक
नवीन तकनीक के उपयोग से पशुपालन अधिक उन्नत हो गया है l
- स्वचालित दुग्ध निकालने की व्यवस्था
- पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी हेतु उपकरण
प्रभाव: श्रम में कमी और उत्पादन में वृद्धि l
प्रवाह आरेख
डिजिटल भारत पहल → तकनीकी साधनों का उपयोग → सूचना + स्वास्थ्य सेवाएं + बाजार संपर्क → उत्पादन में वृद्धि + लागत में कमी → पशुपालकों की आय में वृद्धि
निष्कर्ष (संदर्भ सहित)
डिजिटल भारत अभियान ने पशुपालन क्षेत्र में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है l इससे ने केवल उत्पादन और आय में वृद्धि हुई है, बल्कि पशुपालकों के जीवन स्तर में भी सुधार हआ है l
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की एक रिपोर्ट (२०२१) के अनुसार, तकनीकी साधनों के उपयोग से पशुपालन उत्पादन में लगभग १५ से २० प्रतिशत तक वर्दी देखी गई है l
अतः स्पष्ट है कि डिजिटल भारत पशुपालन को आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है
संदर्भ
- भारत सरकार (२०१५), डिजिटल भारत कार्यक्रम
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (२०२१)
- भारतीय डेयरी विकास बोर्ड रिपोर्ट
- खाद एवं कृषि संगठन (२०२०)



