भारत सरकार द्वारा जारी ब्रॉयलर इंटिग्रेशन फार्मिंग गाइडलाइन्स प्रमुख बिंदु

0
1978

भारत सरकार द्वारा जारी ब्रॉयलर इंटिग्रेशन फार्मिंग गाइडलाइन्स प्रमुख बिंदु:

जारीकर्ता: पशुपालन मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली।

लागू: 21/12/2022 से

प्रमुख बिंदु:

  1. 47 बिंदुओं के हिसाब से एग्रीमेंट बनेगा।
  2. फार्मर फ्लॉक खर्च, ग्रोइंग चार्ज गणना, मोर्टेलिटी, FCR इत्यादि अनुसूचियाँ अनिवार्य एवं अग्रीमेंट में संलग्न होगी।
  3. फार्मर फ्लॉक ख़र्चे में निम्न खर्च शामिल होगें: लेबर (स्थाई व अस्थाई), भूसी, बुरादा, ब्रुडिंग, डीजल, बिजली बिल, पानी/सफाई खर्च, फार्म साफ सफाई, फार्म बायोसिकुरिटी, फार्म व मशीनरी मेंटीनेंस, पेट्रोल, मोबाईल, फार्म शुल्क/इंश्योरेंस / टैक्स, फार्मर सुपरविजन मजदूरी, फार्म निर्माण पूंजी ब्याज, फार्म/ मशीनरी डेपरिशेशन, फार्म उपयोग में आ रही भूमि का किराया, अन्य खर्च इत्यादि खर्च शामिल होंगे। इन खर्च का टोटल यानी फार्मर फ्लॉक कुल खर्च है।
  4. ग्रोइंग चार्ज (GC) गणना निम्नवत होगी:

i). मिनिमम – ग्रोइंग चार्ज (MGC) =

फार्मर का फ्लॉक में आया कुल खर्चा + फार्मर कुल खर्च का 25% (कम से कम इतना देना अनिवार्य है)

ii). स्टैंडर्ड – ग्रोइंग चार्ज (SGC) =

फार्मर का फ्लॉक में आया कुल खर्चा + फार्मर के कुल खर्च का …% (यह प्रतिशत कम्पनी व फार्मर के मध्य तय होगा)।

हमारा सुझाव 75% के लिए है, बाकी जो भी दोनों पक्षों के बीच तय हो जाए।

  1. जिला रजिस्ट्री कार्यालय व रिजनल भाषा में एग्रीमेंट रजिस्टर्ड होगा।
  2. किसान से चेक नहीं लिया जाएगा।
  3. एक वर्ष में कम से कम 5 फ्लॉक पालन करना होगा।
  4. विवाद निपटारे हेतु लोकल प्रशासन को मध्यस्त बना सकते है, लोकल कोर्ट भी ऑप्शन है।
  5. 45 दिन पहले सूचित कर एग्रीमेंट खत्म किया जाएगा।
  6. फार्मर को अपनी जमीन/फार्म, GPS लोकेशन इत्यादि पेपर की फ़ोटो कॉपी प्रदान करनी होगी।
  7. दिए लिंक पर क्लिक कर गाइडलाइन कॉपी प्राप्त कर सकते हैं: https://dahd.nic.in/sites/default/filess/Final%20Commercial%20Contract%20Broiler%20Guidelines%20for%20integration.pdf
READ MORE :  STANDARD OPERATING PROCEDURE FOR APPLICANT FOR DEALING WITH IMPORT OF EXOTIC LIVE SPECIES IN INDIA AND DECLARATION OF STOCK

नोट: अधिक जानकारी के लिए गाइडलाइन पढ़ें ताकि सही जानकारी से फार्मर व सभी साथी अवगत हो। कृपया सूचना शेयर करें तथा किसान हितैषी व फील्ड प्रतिनिधियों से अपील है किसानों को जागरूक करने के लिए सहयोग प्रदान करें।

Please follow and like us:
Follow by Email
Twitter

Visit Us
Follow Me
YOUTUBE

YOUTUBE
PINTEREST
LINKEDIN

Share
INSTAGRAM
SOCIALICON