बकरी पालन गरीबों का एटीएम 

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बकरी पालन गरीबों का एटीएम 

 Vinita1*, Kumar Vinay2

  1. M.V.Sc, Department of Veterinary & Animal Husbandry Extension Education,LUVAS, Hisar, Haryana, India
  2. Haryana Veterinary Surgeon I, Department of Animal Husbandry and Dairying, Govt. of Haryana

परिचय   

भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का विशेष स्थान रहा है lप्राचीन काल से ही किसान अपनी आय बढ़ाने और जीवनयापन को सुरक्षित बनाने के लिए पशुपालन पर निर्भर रहे हैं l इन्हीं पशुधन में बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है, जिसे “गरीबों का एटीएम” कहा जाता है l इसका कारण है – कम लागत, तेज उत्पादन और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत नकदी प्राप्त करने की सुविधा l

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार छोटे और सीमांत किसानों के लिए बकरी पालन सबसे सरल, सुरक्षित और लाभकारी आजीविका का साधन है l

परिभाषा

बकरी पालन वह प्रक्रिया है जिसमें बकरियों का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से पालन पोषण, प्रजनन और देखभाल की जाती है, ताकि उनसे दूध, मांस, खाद और आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सके l

बकरी पालन को “गरीबों का एटीएम” क्यों कहा जाता है ? 

  1. कमलागत में शुरुआत
  2. तेजीसे बढ़ाने वाली संख्या
  • बकरीलगभग ८ से १० महीने में बच्चे देती है l
  • एकबार में १ से ३ बच्चे तक हो सकते हैं l

इससे बहुत कम समय में पशुओं की संख्या बढ़ जाती है और आय में तेजी आती है l

  1. कमखर्चे में पालन पोषण
  • बकरियांझाड़ियां, पेड़ – पौधे की पत्तियां और खेत के अवशेष खाकर जीवित रह सकती हैं l
  • महंगेआहार पर निर्भरता बहुत कम होती है l
  1. मांसऔर दूध की अधिक मांग
  • बकरीका मांस बाजार में अधिक मूल्य पर बिकता है l
  • त्योहार,शादियों और विशेष अवसरों पर इसकी मांस मांग बहुत बढ़ जाती है l
  • बकरीका दूध पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है l
  1. अतिरिक्तलाभ के स्रोत
  • बकरीकी खाद जैविक खेती के लिए बहुत उपयोगी होती है l
  • दूध,मांस और खाद तीनों से आय प्राप्त होती है l
  1. आपातकालमें तुरंत नगदी
  • जरूरतपड़ने पर बकरी को तुरंत बेचकर पैसा प्राप्त किया जा सकता है l

यही कारण है की इसे “एटीएम” कहा जाता है, क्योंकि यह आवश्यकता के समय तुरंत धन उपलब्ध कराता है l

बकरी पालन का सरल प्रवाह 

छोटी शुरुआत  बकरियों की संख्या में वृद्धि  दूध व बच्चे प्राप्त  बिक्री  नियमित आय  आर्थिक स्थिति में सुधार

सरल बकरी पालन के लिए आवश्यक बिंदु 

घटक विवरण
नस्ल चयन जमुनापारी, बराबरी, सिरोही
आवास साफ, सूखा और हवादार स्थान
आहार हरा चारा, सूखा चारा और खनिज मिश्रण
स्वास्थ्य देखभाल समय-समय पर टीकाकरण और जांच
प्रबंधन उचित प्रजनन और देखभाल

 

मुख्य चुनौतियां

  • रोगोंका समय पर उपचार ने होना
  • उचित बाजार की जानकारी का अभाव
  • वैज्ञानिकपद्धतियों की कमी

इन समस्याओं को प्रशिक्षण जागरूकता और सरकारी योजनाओं की सहायता से आसानी से दूर किया जा सकता है l

निष्कर्ष

 बकरी पालन वास्तव में ग्रामीण गरीबों के लिए एक सशक्त आर्थिक साधन है l यह ने केवल नियमित आय देता है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

 

उदाहरण:  राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई गांव में महिलाओं में स्वयं सहायता समूह बनाकर बकरी पालन में अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक, २०२१) l

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