जैविक दुग्ध उत्पादन: बाजार की मांग और संभावनाएं
Organic Milk Production: Market Demand and Opportunities
Vinita1*, Kumar Vinay2
- M.V.Sc, Department of Veterinary & Animal Husbandry Extension Education,LUVAS, Hisar, Haryana, India
- Haryana Veterinary Surgeon I, Department of Animal Husbandry and Dairying, Govt. of Haryana
परिचय
भारत में पारंपरिक रूप से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन प्राकृतिक तरीकों से किया जाता था l हरित क्रांति के बाद रासायनिक खाद, दवाइयां और कृत्रिम विधियो का उपयोग बड़ा, जिससे उत्पादन तो बड़ा, परंतु गुणवत्ता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा l इसी कारण आज फिर से जैविक दुग्ध उत्पादन की ओर रुझान बढ़ रहा है l
परिभाषा: जैविक दूध उत्पादन वह प्रणाली है जिसमें पशुओं को प्राकृतिक चार बिना रासायनिक दवाओं और हार्मोन के प्रयोग के, पर्यावरण – अनुकूल तरीके से पाला जाता है.
बाजार की मांग और अवसर
- बाजार में बढ़ती मांग
आज उपभोक्ता स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं l वह रासायनिक अवशेषों से मुक्त, शुद्ध और पोशाक दूध की मांग कर रहे हैं l
- शहरी क्षेत्र में जैविक दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है l
- बच्चों और रोगियों के लिए शुद्ध दूध की प्राथमिकता अधिक है l
- उच्च आय वर्ग के लोग जैविक उत्पादों पर अधिक खर्च करने को तैयार हैं l
- उच्च मूल्य प्रति
जैविक दूध सामान्य दूध की तुलना में अधिक मूल्य पर बिकता है l
- किसानको प्रति लीटर 20 से 50 प्रतिशत अधिक आय मिल सकती है l
- प्रत्यक्ष विपणन (सीधे उपभोक्ता को बिक्री) से लाभ और बढ़ता है l
- निर्यात की संभावनाएं
विश्व स्तर पर जैविक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है l
- भारत जैविक दूध उत्पादों के निर्यात में बड़ा अवसर रखता है l
- यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में जैविक उत्पादों की मांग अधिक है l
- सरकारी सहयोग
सरकार जैविक खेती और पशुपालन को बढ़ावा दे रही है l
- विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण, प्रमाणन और अनुदान उपलब्ध है l
- किसानों को जैविक प्रमाण पत्र प्राप्त करने में सहायता दी जाती है l
- पर्यावरण और स्वास्थ्य लाभ
- मिट्टी और जल की गुणवत्ता में सुधार होता है l
- पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, जिससे उत्पादन स्थिर रहता है l
- उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पौष्टिक दूध मिलता है l
जैविक दुग्ध उत्पादन प्रणाली
प्राकृतिक चारा → स्वास्थ्य पशु → रसायन मुक्त दूध → उच्च गुणवत्ता → अधिक मूल्य → बढ़ती मांग → अधिक लाभ
चुनौतियां
- प्रारंभिक लागत अधिक हो सकती है
- प्रमाणन क्रिया जटिल है
- उत्पादन प्रारंभ में काम हो सकता है
- बाजार तक पहुंच की समस्या
निष्कर्ष
जैविक दुग्ध उत्पादन न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है l
एक अध्ययन (कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण, 2022) के अनुसार, जैविक उत्पादों का बाजार हर्ष वर्ष लगभग 15 से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो इसके उज्जवल भविष्य को दर्शाता है l



